अस्पतालों में होगा पर्चियों का ऑडिट

चंबा। अस्पतालों में अब एक रोगी की दो पर्चियां बनेंगी। इसमें एक पर्ची रोगी को मिलेगी, जबकि दूसरी डुप्लीकेट पर्ची कार्यालय के रिकार्ड में रखी जाएगी। यह बात उपायुक्त संदीप कदम ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित स्वास्थ्य विभाग के प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि अस्पतालों में रोगियों के लिए लिखी जाने वाली दवाइयों के ऑडिट की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि चिकित्सक जेनरिक दवाइयां लिख रहे हैं या नहीं। उपायुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि ड्रग इंस्पेक्टर को एक हफ्ते में जिला अस्पताल में ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश जारी किए जाएं। कांगड़ा अस्पताल के ड्रग इंस्पेक्टर को जिला अस्पताल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक ड्यूटी ज्वाइन तक नहीं की है। जिला अस्पताल परिसर में कुछ असमाजिक तत्वों की ओर से टेस्ट करवाने के नाम पर दूरदराज से आए मरीजों व उनके तीमारदारों से पैसे एंठने की शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लिया। साथ ही कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ थाना में एफआईआर दर्ज करवाई जाए। उन्होंने कहा कि एफआईआर जरूरी नहीं कि मरीज दर्ज करवाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे लोगों के खिलाफ अस्पताल प्रबंधन की ओर से एफआईआर दर्ज करवाई जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मी को सचेत रहने के निर्देश दे दिए गए हैं। इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक विनोद शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. राम कमल और डा. देवेंद्र मौजूद रहे।

नसबंदी में चंबा प्रदेश में रहा अव्वल
परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत चंबा जिला ने पुरुष नसबंदी में गत वर्ष प्रदेश भर में शीर्ष स्थान हासिल किया है। गत वर्ष विभाग की ओर से 998 पुरुषों की नसबंदी की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी वाईडी शर्मा ने बताया कि इस वर्ष पुरुष व महिला परिवार नियोजन का 2600 लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला में 314 कलस्टर बनाए गए हैं। इसमें अभी तक 84 हजार 553 विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की जांच की गई है।

13 स्वास्थ्य केंद्रों का हो रहा निर्माण
उपायुक्त संदीप कदम ने बताया कि जिला अस्पताल के अतिरिक्त 13 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा छह उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण का कार्य चला हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षेत्रीय अस्पताल के अलावा तीसा, किलाड़, भरमौर व समोट में बहु विशेषज्ञ चिकित्सा शिविरों का आयोजन कर इलाके के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाई गईं।

जिला में रोगियों के लिए 16 एंबुलेंस उपलब्ध
चंबा। जिला चंबा में मौजूदा समय में करीब 16 108 एंबुलेंस उपलब्ध हैं। इसमें से तीन एंबुलेंस रोगियों को इंटर फेसिलिटी ट्रंास्पोर्ट की सुविधा दे रही है, ताकि रोगियों को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल तक पहुंचाया जा सके। जननी शिशु सुरक्षा योजना में अब तक 3599 गर्भवती महिलाओं और 4352 शिशुओं को लाभान्वित किया जा चुका है। इस योजना के तहत 17 लाख 49 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।

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